Bengali नौकरानी को बिस्तर पर Choda भाग -2

हेलो दोस्तों तो कैसे हैं आप सभी लोग आपका स्वागत हैं  बंगाली नौकरानी को बिस्तर पर चोदा भाग -2 में।  अगर आपने इससे पहले  बंगाली नौकरानी को बिस्तर पर चोदा भाग -1 नहीं पढ़ा तो आपसे विनती हैं पहले उससे पढ़े जभी आपको पूरी कहानी का असली आनंद आएगा।

तो दोस्तों जैसा की आप जानते ही हैं की मोनी ने मुझसे सवाल किया की मेरे वीर्य और उसके बारे में सोचने का क्या मेल हैं।  मैंने मोनी को समझाने की कोशिश की पर मोनी जब जानते हुए भी अनजान बानी हुई थी।  वो मेरे मुँह से सब कुछ साफ़ साफ़ सूना चाहती थी।  

पर मैं भी मोनी को साफ़ साफ़ बताने में हिचक रहा था।  मुहे दर था की मोनी कही सब कुछ जाके मेरी पत्नी को न  बता दे।  वैसे ही मेरी पत्नी का 5वा महीना चल रहा था तो मैं किसी भी प्रकार का रिश्क नहीं उठाना चाहता था।  मेने जैसे तैसे बात घुमाई और वहाँ से निकल लिया।  

एक दिन मैं बाथरूम में नहाने गया हुआ और मैं गलती से बाथरूम का दरवाजे पर कुण्डी लगाना भूल गया था।  मेरी आदत बिना कच्छे बनियान के नहाने की हैं तो मैं रोज की तरह  नागा नाहा रहा था।  मोनी कपडे धोने के लिए बाथरूम में आई तो उसने मुझे वह नागा देख लिया। 

 मैंने मोनी पर धयान नहीं दिया मुझे क्या पता था की मैंने बाथरूम की कुण्डी भी नहीं लगाई हैं।  उसने ख़ास के मुझे जताया।  मैं अपनी मौज में गाना गाते नाहा रहा था।  मेरा ध्यान  दरवाजे की तरफ गया तो बाथरूम में मोनी मुझे खड़े होकर देख रही थी।  मैंने झट से अपने लंड पर हाथ रख लिया।  

वैसे तो मेरा लैंड सो रखा था पर जैसे ही मुझे मोनी के चुके दिखाई दिया  मेरा लंड टाइट खड़ा हो गया।  मेरे सर पे शावर का पानी गिरे जा रहा था।  मैंने जैसे ह अपना हाथ अपने लंड से हटाया तो मेरा खड़ा लंड देख मोनी की आँखे मेरे लंड पर ही अटकी रह गई।  मैंने फटाफट अपना तौलिया लपेटा लिया।  

जैसे ही मैं मोनी के सामने से बहार निकला मेरा हाथ मोनी के चूचो पर लग गया।  मैंने मोनी को सोरी बोला और वह से बहार निकल आया।  अगले दिन जब मोनी हमारे लिए खाना लेकर आई तो उसने जान बुझ के मेरे ऊपर सब्जी गिरा दी।  उसने मेरी पत्नी को जताने के लिए बोला की मुझसे गलती हो गई मुझे माफ़ कर दो।  

मैंने मोनी को कहा कोई बात नहीं तो मोनी ने कहा आप बठे रहो में इसे कपडे से साफ़ कर देती हूँ।  मोनी एक कपडा लेकर आई और मेरे लंड के ऊपर से सब्जी को साफ़ करने लगी।  सब्जी साफ़ करना तो उसका बहाना था साफ़ करने के बहाने वो मेरे लंड पर अपना हाथ फेरने लगी।  

उसके हाथ फेरने के साथ ही मेरा लंड खड़ा हो गया।  और उसके हाथो में उचकारे मरने लगा। मैंने मोनी को बोला तुम रहने दो मैं खुद से कर लूंगा।  मैं उठा और बाथरूम में चला गया और अपने पाजामे को चेंज कर के आ गया। खाना खाने के बाद मैं और मेरी पति अपने रूम में चले गए।  

कुछ देर बाद मेरी पत्नी गहरी नींद में सो गई।  मैं बहार हॉल में आया और सोफे पर बैठ कर टीवी देखने लगा।  मेरे सामने मोनी आई और झुक के मेरे पाव के सामने पोछा मरने लगी वो जान बुझ के मेरे सामने हरकते करने लगी ताकि मैं उसके साथ कुछ करू।  

अब मुझसे रुका नहीं गया मैंने मोनी को बोला तुम यहाँ पर बैठो और मुझे बताओ की तुम चाहती क्या हो।  क्यों बार बार मेरे लंड को उकसाती हो।  तो मोनी कड़ी हुआ और उसने मेरे लंड अपना हाथ फेरना सुरु कर दिया।

सबसे पहले मैं खड़ा हुआ और अपने रूम की कुण्डी बहार से लगा के ताकि अगर मेरी बीवी उठ भी जाती तो है को परेशानी नहीं होती। फिर मैं वापसी सोफे पर बैठा और मोनी सोफे के सामने आके मेरी दोनों टैंगो के बिच आ कर बैठ गई।  

उसने मेरे पजामे को निचे किया और मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया।  और मेरे लंड को चूसने लगी।  मैं तो पहले ही पिछले 5 महीने से भरा बैठा था।  मेरी बीवी के प्रग्नेन्सी के बाद मुझे सेक्स करने को नहीं मिला था।  मोनी ने करीबन 3 मिंट तक मेरा लंड चूसा।  

मैंने मोनी को खड़ा किया और सोफे पर लिटा दिया और उसकी चूत पर थूका और घापक से अपना लंड उसकी चूत के अंदर घुसा दिया।  मैं उसकी चूत में अपने लंड को अंदर बहार करता और साथ ही उसके गोल चचो को चूस रहा था।  

काफी देर तक मैंने उसकी चूत मारी और जैसे ही मेरा झड़ने को हो गया तो मेने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया।  कुछ देर उसने मेरे लैंड को लॉलीपॉप की तरह चूसा तो मैंने अपनी सारी क्रीम मोनी के मुँह के अंदर ही निकाल दी।  

हम ऐसा रोज करने लगे थे।  कुछ महीने बाद मेरा लड़का हुआ और मेरी बीवी पहले की तरह अपनी फ्रैंड्स के साथ किटी पार्टी में जाने लगी थी।  तो हमें  जब भी कभी मौका मिलता तो हम दोनों साथ में से जरूर किया करते थे। 

मैंने इन तीन सालो में मोनी के साथ जिस जिस पोजीसन से सेक्स किया वैसा तो मेने कभी अपनी पत्नी के साथ भी नहीं किया था।  हम तीनो अपनी अपनी लाइफ में खुश थे।  मेरी पत्नी और मेरी काम वाली दोनों मेरे लंड  से छोड़ने में मजे उठती थी।  और अपनी चूत के साथ साथ मेरे लंड की भी प्यास बुझती थी।  

दोस्तों ये कहानी यही खतम होती हैं आशा करता हूँ की आप इस कहानी को सिर्फ मनोरंजन के लिए ही पढ़े।  धन्यवाद।  

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